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Ya Zopdit Mazya Lyrics किती आनंदी आनंद या झोपडीत माझ्या

राजास जी महाली सौख्ये कधी मिळाली ती सर्व प्राप्त झाली या झोपडीत माझ्या भूमीवरी पडावे ताऱ्यांकडे पहावे प्रभुनाम नित्य गावे या झोपडीत माझ्या पहारे आणि तिजोऱ्या, त्यातुनि होती चोऱ्या दाराशी नाही दोऱ्या, या झोपडीत माझ्या जाता त्या महाला मज्जाव शब्द आला भीती न यावयाला, या झोपडीत माझ्या महाली मऊ बिछाने कंदील शामदाने आम्हा जमीन माने या झोपडीत माझ्या येता तरी सुखे या, जाता तरी सुखे जा कोणावरी न बोजा, या झोपडीत माझ्या पाहून सौख्य माझे, देवेंद्र तोही लाजे शांती सदा विराजे, या झोपडीत माझ्या 'तुकड्या' मती करावी, पायी तुझ्या नमावी मूर्ती तुझी रहावी, या झोपडीत माझ्या
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असा कसा देवाचा देव Asa Kasa Devacha Dev Lyrics | Sant Eknath

असा कसा देवाचा देव Asa Kasa Devacha Dev Lyrics | Sant Eknath असा कसा देवाचा देव बाई ठकडा । देव एका पायाने लंगडा ॥१॥ शिंकेचि तोडितो मडकेचि फोडितो । करी दह्यादुधाचा रबडा ॥२॥ वाळवंटी जातो कीर्तन करितो । घेतो साधुसंतांसि झगडा ॥३॥ एका जनार्दनी भिक्षा वाढा बाई । देव एकनाथाचा बछडा ॥४॥

खेळ खेळे हरी कुंजनी, राधिकेच्या

खेळ खेळे हरी कुंजनी, राधिकेच्या Lyrics (चाल: रुसलासी हरी का बरे...) खेळ खेळे हरी कुंजनी, राधिकेच्या मना मोहनी ।।धृ0।। भोळि राधा हरी पाहता, वेडि झाली बंसी ऐकता । रंगवी आत्म-रंगातुनी, राधिकेच्या मना मोहनी ।।१।। जात होती यमूनेतिरी, गोरसाते धरोनी शिरी । माठ फोडी हरी धावुनी, राधिकेच्या मना मोहनी ।।२।। दास तुकड्या म्हणे ही लिला, देव गोकुळासी खेळला । उद्धरील्या सख्या गोळणी,राधिकेच्या मना मोहुनी ।।३।।

पूजा की थाली सजा रखी है माँ तेरी ज्योत जला रखी है लिरिक्स

पूजा की थाली सजा रखी है माँ तेरी ज्योत जला रखी है लिरिक्स - Pooja Ki Thali Saja Rakhi Hai Maa Teri Jyot Jala Rakhi Hai Lyrics पूजा की थाली सजा रखी है माँ तेरी ज्योत जला रखी है लिरिक्स पूजा की थाली सजा रखी है, माँ तेरी ज्योत जला रखी है। मन मंदिर में बसा रखी है, माँ तेरी ज्योत जला रखी है।। है माँ जुबा पर जब भी तेरा नाम आता है तब ये दिल मेरा बहक जाता है और तुझे पाने के लिए कुछ भी कर जाऊँगा एक बार दर्श दिखा दे वरना रो रो के मर जाऊंगा सजाया जगराता भवनी आजाओ, शरण मे बैठे है दरश दिखला जाओ। तुम्हारे दर्शन को मेरा मन रोता है दिखा दो सूरत माँ हमे न तरसाओ आज न आई जो जगदम्बा होगी तू बदनाम, होगी तू बदनाम राह में पलके बिछा रखी है,  माँ तेरी ज्योत जला रखी है तेरे दर से दाती मैं मशहूर हो गया इतना रोया की गम सारा दूर हो गया और मुझे काँच समझ कर दुनिया ने फेक दिया तेरे चरणों मे आकर मैं कोहिनूर हो गया दीवाना तेरा हूँ तेरे दर आया हूँ  बड़ी मुश्किल से माँ पता में पाया हूँ। रहूँगा चरणों मे कही न जाऊँगा,  जमाने की ठोकर बड़ी में खाया हूँ बिगड़ी बना दे ओ जगदम्बा मैने लिया तेरा नाम मैने लिया तेरा नाम ...

हरिनाम हे फुकाचे, जप मानवा ! तु वाचे

  हरिनाम हे फुकाचे, जप मानवा ! तु वाचे (चाल: रसने ! न राघवाच्या...) हरिनाम हे फुकाचे, जप मानवा ! तु वाचे । तुटतील बंध सारे, भव-पाश या जिवाचे ।।धृ0।। मन लावुनी विचारी, धरि एकनिष्ठ तारी । ॒  निष्काम गा मुरारी, अति हर्षे देव नाचे ।।१।। नच जाइ पुण्यधामा, बस रे ! करीत कामा । कामात लक्ष रामा-वरि, ठेव  अंतरीचे  ।।२।। सोडूनि कल्पना ही निंदा-स्तुती जगाची । रंगोनि एकभावे, सुख  घे  हरी - पदाचे ।।३।। तुकड्या म्हणे ही वेळा, साधूनि घे फुकाची । अनमोल जन्म जाता, मग मार त्या  यमाचे ।।४।।

काली काली अमावस की रात में भजन लिरिक्स - Kaali Kaali Amavas Ki Raat Me Bhajan Lyrics

  काली काली अमावस की रात में भजन लिरिक्स - Kaali Kaali Amavas Ki Raat Me Bhajan Lyrics काली काली अमावस की रात में भजन लिरिक्स काली काली महाकाली काली काली अमावस की रात मैं काली निकली काल भैरव की साथ मैं ये अमावस की रात बड़ी काली घूमने निकली माता महाकाली एक दानव का मुंड लिये हाथ में काली काली अमावस की रात मैं काली निकली काल भैरव की साथ मैं केश बिखरे माँ के काल के नैना मैया के है लाल लाल काला कुत्ता भैरव जी के साथ में काली काली अमावस की रात मैं काली निकली काल भैरव की साथ मैं रूप भैरव जी का काला काला   ये तो है मइया काली का लाला बेटा घूमने चला माँ के हाथ में काली काली अमावस की रात मैं काली निकली काल भैरव की साथ मैं माता काली के मुख से निकले ज्वाला गले पहने है मुंडो की माला रूह कापे है रागी के रात में काली काली अमावस की रात मैं काली निकली काल भैरव की साथ मैं

संसारकी आँधी में, बह जानेका डर है

  संसारकी आँधी में, बह जानेका डर है (तर्ज : अब जाग उठो भाई...) संसारकी आँधी में, बह जानेका डर है ।।टेक।। विषयोंकी हवा छूटी, अँखियोंमें पडी धूली । मम़ताकी उडी काँटी, सब बदन चुभी खुली ।। इस क्रोधकी बिजलीसे, जल जानेका डर   है ।।१।। इस अहंकार ने मन पागलसा बना डाला ।  ना समझ रही थोडी, दे दिया अजब प्याला ।। ना राह मिली सीधी, ढल जाने   का   डर   है ।।२।। गुरुदेव के चरणों में यहि अर्ज हमारी है । भूले ना हम तुमको, हम दरपे भिखारी है ।। तुकड्या कहे बिन प्रभूके, मर जानेका डर है ।।३।।